सरहदों पर बहुत तनाव है क्या,
कुछ पता तो करो चुनाव है क्या।
मैं मर जाऊं तो मेरी एक अलग पहचान लिख देना,
लहू से मेरी पेशानी पर हिंदुस्तान लिख देना।
हमसे पहले भी मुसाफ़िर कई गुज़रे होंगे,
कम से कम राह के पत्थर तो हटाते जाते।